राम कथा के तृतीय दिवस पर व्यास पीठ पर विराजमान पूज्य पंडित श्रीकांत पाण्डेय जी ने खचाखच भरे सभागार एवं एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कथा श्रवण कर रहे श्रद्धालुओं के जयघोष के बीच मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं सजीव वर्णन प्रस्तुत किया।
कथा के दौरान सीता स्वयंवर, भगवान शिव के धनुष भंग की लीला, भगवान परशुराम का आगमन, राम-लक्ष्मण एवं परशुराम संवाद सहित श्रीराम विवाह का मनोहारी चित्रण किया गया। साथ ही जगत जननी माता सीता की सखियों एवं प्रभु श्रीराम तथा लक्ष्मण जी के मध्य हुए आनंददायक संवादों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एक प्रसंग में सखियों ने प्रभु श्रीराम से प्रश्न किया कि दोनों भाई एक ही पिता की संतान होते हुए भी एक गौरवर्ण और दूसरे श्यामवर्ण क्यों हैं? इस पर श्रीराम मुस्कुरा दिए। तब लक्ष्मण जी ने अत्यंत सुंदर उत्तर देते हुए कहा कि “जनकपुर आने से पूर्व प्रभु श्रीराम भी गौरवर्ण थे, किंतु यहां की महिलाओं के नयनों से होकर उनके हृदय में प्रवेश करते समय आपके काजल का रंग लग जाने से मेरे भ्राता कुछ सांवले हो गए।” इस उत्तर को सुनकर पूरा सभागार तालियों और श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के संवादों के माध्यम से पंडित श्रीकांत पाण्डेय जी ने भक्तजनों के अनेक आध्यात्मिक प्रश्नों का समाधान किया तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम एवं शेषावतार लक्ष्मण जी के आदर्शों का सुंदर विवेचन किया।
सुप्रसिद्ध भजन गायक एवं श्रीराम कथा के संयोजक प्रदीप पुष्प ने बताया कि कथा में मातृशक्ति, भक्तजन एवं युवा वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण कर रहे हैं। आज के यजमानों में श्रीमती एवं श्री नीतू-अनीष बिंदल, श्रीमती एवं श्री हरीश सिंगला, श्रीमती एवं श्री प्रियंक गुप्ता, श्रीमती एवं श्री सार्थक जैन तथा श्रीमती एवं श्री शिखर गुप्ता शामिल रहे। इनके पूजन-अर्चन के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। कथा उपरांत भोजन प्रसादी एवं प्रसाद का वितरण किया गया। कथा में विशेष रूप से श्री श्याम पुष्प बगिया के सेवादारों ने चरण पादुका व्यवस्था से लेकर प्रसाद वितरण तक सभी व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन करते हुए श्रद्धालुओं की सेवा की।
इस अवसर पर श्री अजय अग्रवाल, श्री मन्नत गुप्ता, श्री संजय अग्रवाल, श्री मृदुल गुप्ता, श्री राहुल रस्तोगी, श्री विकास बंसल, श्री सतेन्द्र अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य समाजसेवी उपस्थित रहे।
