बरनाला 14 जून( ) निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन पवित्र आशीर्वाद से संगरूर जोन के बाल संत समागम का आयोजन बरनाला शहर के ग्रैंड केसल रिज़ॉर्ट में किया गया। जिसमें संगरूर जोन के 34 ब्रांचों से आये सैकड़ों बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस समागम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही आध्यात्मिक मूल्यों, संस्कारों और मानवता के संदेश से जोड़कर एक बेहतर इंसान बनाना है।
इस अवसर पर बच्चों ने गीत, एक्शन सांग, स्किट, कविता, कवि सम्मेलन, स्पीच, इत्यादि प्रस्तुत कर सतगुरु के संदेश को पहुंचाया। वहीं एक स्किट के माध्यम से बाबा गुरुबचन सिंह जी के संदेश सादा जीवन, नशा न करने, दहेज लेने व देने पर प्रतिबंध प्रस्तुत किया साथ ही बच्चों को सोशल मीडिया से दूरी बना कर रखने पर भी प्रेरित किया गया। इसके साथ साथ बच्चों की पत्रिका हस्ती दुनिया को पढ़ने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर सतगुरु माता जी का संदेश देने सहारनपुर से जोनल इंचार्ज श्री कुलभूषण चौधरी जी मुख्य रूप से आये ओर उन्होंने सतगुरु का संदेश देते हुए कहा कि बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों द्वारा सतगुरु की शिक्षाओं का बहुत सुंदर प्रस्तुतीकरण किया है। आज सतगुरु माता जी हमें दो तरह की सिखलाई दे रहे हैं। पहली सिखलाई परिवार व सांसारिक जीवन में सबसे प्यार, मीठा बोलना,सेवाभाव रखना, आलस न करना व बड़ों का सत्कार करना एवं किसी का दिल न दुखाना। बच्चे जो पढ़ाई कर रहे हैं वो दिल लगाकर पूरी आत्मीयता से लग्न व मेहनत से पढ़ाई करें।
दूसरी सिखलाई है जिस पर विशेष जोर दिया जा रहा है - वो है ब्रह्मज्ञान। आत्मा का नाता निरंकार प्रभु से हर पल हर समय जोड़कर रखना। किसी भी फल में बहुत सारे बीज होते हैं परंतु वो भाग्यशाली बीज होता है जिसे माली बीजता है और पौधा बनता है। इसलिए हमें भी अपने आपको भाग्यशाली मानते हुए इस निराकार में संलिप्त होकर जीवन जीना चाहिए। जिनकी प्रीत निरंकार से जुड़ी होती है वे हर परिस्थिति में एकरस रहते हैं।
इस अवसर पर संगरुर जोन के जोनल इंचार्ज डॉ वी. सी. लूथरा जी ने श्री कुलभूषण चौधरी जी का स्वागत एवं धन्यवाद प्रगट किया वही बरनाला ब्रांच के संयोजक जीवन गोयल ने संगरूर जोन से आए सभी श्रद्धालुओं एवं गणमान्य सदस्यों का अभिवादन किया व बच्चों द्वारा सतगुरु की शिक्षाओं का जो संदेश दिया है, उसे हर कोई अम्ल रूप में अपनाए, ऐसी कामना की।
