नोएडा। महिला उद्यमी संगठन द्वारा तीज एवं रक्षाबंधन उत्सव का भव्य आयोजन नोएडा सेक्टर-14 स्थित कल्याण केंद्र में 01 अगस्त 2026 को बड़े हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। भारतीय संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के संदेश से ओतप्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. स्मिता सिंह ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्रीमती विमला बॉथम एवं एडवोकेट वंदना राघव ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं ऊर्जावान संचालन प्रसिद्ध महिला उद्यमी डॉ. शोभा धवन ने किया। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि आज की महिला केवल परिवार की धुरी ही नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की सशक्त निर्माता भी है। उनके प्रेरणादायी विचारों ने उपस्थित महिलाओं में आत्मविश्वास, नवाचार और उद्यमिता के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्मृति में दीप प्रज्ज्वलित कर परमपिता परमात्मा के आशीर्वाद के साथ किया गया। इसके पश्चात तीज और रक्षाबंधन पर्व की सांस्कृतिक गरिमा को जीवंत करते हुए पारंपरिक परिधानों की आकर्षक झलक तथा उत्सव से जुड़े विविध आयोजन संपन्न हुए। इस अवसर पर अनेक प्रतिभाशाली महिला उद्यमियों ने अपने हस्तनिर्मित एवं नवाचारी उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई। परिधान, हस्तशिल्प, गृह सज्जा, साहित्य, आभूषण, स्वास्थ्य एवं सौंदर्य से जुड़े उत्पादों ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी ने स्थानीय महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, नए व्यावसायिक अवसरों से जुड़ने का सशक्त मंच प्रदान किया। महिला उद्यमी संगठन की सफलता के पीछे पूरी टीम का समर्पित योगदान उल्लेखनीय रहा। सर्वश्री मधु डोगरा, शशी नांगिया, सुचिता, अंजलि अग्रवाल, अनीता भाटिया, अर्चना तथा डॉ. सूक्ष्म लता महाजन सहित सभी सदस्यों के अथक प्रयासों से आयोजन सुव्यवस्थित एवं अत्यंत सफल रहा। लगभग तीन दशकों से महिला उद्यमी संगठन निरंतर मेले, प्रदर्शनियाँ, कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यवसाय को नई पहचान दिलाने का कार्य कर रहा है। बदलते समय में डिजिटल उद्यमिता, नवाचार और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में संगठन की सक्रिय भूमिका महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रही है। तीज और रक्षाबंधन जैसे भारतीय पर्वों की सांस्कृतिक गरिमा के साथ उद्यमिता को जोड़ने वाला यह आयोजन इस बात का सशक्त संदेश देता है कि जब परंपरा और आत्मनिर्भरता साथ चलती हैं, तब समाज में विकास, विश्वास और सशक्तिकरण की नई संभावनाएँ जन्म लेती हैं।
