दिल्ली 30 जुलाई:~ योग शिविर सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य लाभ ही नहीं बल्कि आत्मा से परमात्मा मिलन मार्ग प्रशस्त करता है यह संदेश दिया गया स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज द्वारा नवीन शाहदरा में आयोजित विशेष योग कार्यक्रम में लोगो को।
आज विश्व भर में भारतीय योग संस्थान के रूप में घर घर योग की अलख जगाने के प्रेरणा स्तोत्र स्व प्रकाश लाल जी की सत्रहवीं पुण्यतिथि पर निशी गर्ग जी के निवास पर विशेष योग शिविर एवं सत्संग का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों बहनों के साथ योग गुरु जे पी शर्मा जी, नरेंद्र शर्मा जी द्वारा योग कराया गया।इस विशिष्ट कार्यकम में श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर समूह परमाध्यक्ष स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज मुख्य अतिथि रूप में पहुंचे। सर्वप्रथम स्वामी जी द्वारा दीप प्रज्वलित करते हुए कार्यक्रम शुरुआत की गई।स्वामी राजेश्वरानंद जी महाराज द्वारा स्व प्रकाश लाल जी की फोटो पर मालार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई तत्पश्चात सभी लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
बहन निशि गर्ग जी द्वारा योग क्रियाओं सम्पन्न हुई तो मुख्य अतिथि स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज द्वारा हास्ययोग के अंतर्गत हंसी के जोरदार ठहाकों के बीच भजन सत्संग की प्रस्तुति से माहौल में सावन की बहार सी छा गई।
इस अवसर पर स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि योग सिर्फ शरीर को स्वस्थ करने की क्रियाओं का मार्ग नहीं है बल्कि शरीर एक मंदिर है जिसमें आत्मा रूपी परमात्मा विराजमान है।योग आत्मा ओर परमात्मा के एकीकार करने का सुंदर मार्ग है।हास्ययोग कराने से पहले स्वामी राजेश्वरानंद जी ने कहा कि मनुष्य ओर पशु में मुख्य भेद यह है कि परमात्मा द्वारा मनुष्य को हंसने का सुंदर गुण दिया जोकि पशुओं को नहीं दिया ओर आज दुःख का विषय यह है कि मनुष्य हंसना भूलकर पशु की श्रेणी में आता जा रहा है।आत्मा परमात्मा मिलन ओर शारीरिक स्वास्थ्य हेतु मात्र हंसना शुरू कीजिए।
कार्यक्रम के समापन पर स्वामीजी द्वारा "सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा" गीत गाया गया निशि गर्ग द्वारा अल्पाहार की व्यवस्था की गई।
