नई दिल्ली।
हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार को समर्पित देश की प्रतिष्ठित संस्था सुर साहित्य परिषद् और ट्रू मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 26 जुलाई 2026 को ट्रू मीडिया प्रांगण गाजियाबाद में एक भव्य एवं गरिमामय काव्योत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपराह्न 2 बजे हुआ और शाम तक साहित्यिक रसधारा बहती रही। काव्योत्सव के आयोजक एवं निवेदक सुर साहित्य परिषद् के संस्थापक डॉ संजय जैन रहे। उन्होंने अपने उद्घाटन उद्बोधन में संस्था की साहित्यिक यात्रा, उद्देश्यों तथा हिंदी साहित्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संयोजन डॉ. उर्वी ऊदल एवं नयन नीरज नायाब द्वारा किया गया, जबकि मंच संचालन की जिम्मेदारी ईशा भारद्वाज और आरती वर्मा ने अपनी प्रभावशाली मंचीय दक्षता से निभाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार प्रमिला भारती ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शैल भदावरी ने मंच को सुशोभित किया | कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में आदरणीय चेतन आनंद की उपस्थिति रही , विशिष्ट अतिथि के रूप मे अवधेश तिवारी 'भावुक' ने मंच की गरिमा बढाई | ट्रू मीडिया संस्थापक श्री ओमप्रकाश प्रजापति का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में युवा प्रतिभा और नवांकुर कवियों को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रम को और बढ़ावा देने तथा हिन्दी कविता प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रमों के आयोजन का उत्तम प्रस्ताव भी सबके समक्ष रखा। कार्यक्रम का आरम्भ माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलित करके हुआ। इसके पश्चात् ईशा भारद्वाज ने सरस्वती वंदना सुनाकर सभी अतिथियों और श्रोताओं का मन भाव विभोर कर दिया। अदिति अस्थाना , रजनीश उपाध्याय,नीलम गुप्ता ,अंजना जैन ,पूनम मल्होत्रा , हिमांशु शुक्ल ,स्मिता चौहान,रक्षा सिन्हा, पूजा भारद्वाज,अनिल मासूम ,एकता चौहान, अंकुश,सुशील शैली ,प्रभाष आदि सभी कवियों ने मंच से कविता, गीत, ग़ज़ल एवं मुक्त छंद में अपनी-अपनी सशक्त रचनाओं का भावपूर्ण पाठ किया। कवियों की रचनाओं में सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएँ, प्रेम, संघर्ष तथा समकालीन यथार्थ की प्रभावशाली अभिव्यक्ति देखने को मिली। भावप्रवण प्रस्तुति और ओजपूर्ण पाठ ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रत्येक रचना पर सभागार तालियों की गूंज से गूंज उठा। इसके अंत में कार्यक्रम अध्यक्ष प्रमिला भारती ने कार्यक्रम की समीक्षा और अपना काव्य पाठ अपनी चुनिंदा कविताएं सुनकर प्रस्तुत किया। जिस पर सभी श्रोता झूम उठे। सुर साहित्य परिषद् ने प्रत्येक कार्यक्रम की भांति इस बार भी सर्वश्रेष्ठ रचना को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया। इस बार की पुरस्कार विजेता स्मिता चौहान रही और इस निर्णय का पूरे सभागार ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर सुर साहित्य परिषद् के अध्यक्ष और देश के प्रतिष्ठित शायर डॉ संजय जैन ने सभी अतिथियों, रचनाकारों और श्रोताओं का धन्यवाद किया।
