गाजियाबाद, 19 जुलाई 2026 को ट्रू मीडिया चैनल एवं ट्रू मीडिया पत्रिका के तत्वावधान में रविवार, 19 जुलाई 2026 को ट्रू मीडिया स्टूडियो में सुप्रसिद्ध लेखिका सुश्री ऋचा गौड़ द्वारा रचित पुस्तक "पार्वती (दीप के मोती)" का भव्य लोकार्पण एवं सम्मान समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस आयोजन में साहित्यकारों, समाजसेवियों, कवियों, पत्रकारों तथा साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सविता चड्ढा ने की। मुख्य वक्ताओं के रूप में समाजसेवी श्री योगेश कुमार एवं श्री सुरेश चंद्रा ने अपने विचार व्यक्त किए। ट्रू मीडिया के संपादक श्री ओमप्रकाश प्रजापति कार्यक्रम के प्रमुख आयोजकों में रहे। मंच संचालन का दायित्व श्री नयन नीरज नायाब ने अपने प्रभावशाली एवं मनमोहक अंदाज में निभाया, जिससे पूरा कार्यक्रम प्रारंभ से अंत तक अनुशासित, जीवंत और आकर्षक बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा पुस्तक "पार्वती (दीप के मोती)" का विधिवत लोकार्पण किया गया। पुस्तक के लोकार्पण के साथ ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. सविता चड्ढा ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ संवेदनाओं का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि ऋचा गौड़ की रचनाधर्मिता मानवीय मूल्यों, सामाजिक चेतना और भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई है तथा "पार्वती (दीप के मोती)" पाठकों को भावनात्मक रूप से स्पर्श करने वाली कृति है।
मुख्य वक्ता श्री योगेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का सशक्त साधन है। उन्होंने लेखिका को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक पाठकों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगी। मुख्य वक्ता श्री सुरेश चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के साथ-साथ साहित्यकारों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अतिथियों ने पुस्तक "पार्वती (दीप के मोती)" की विषयवस्तु, भाषा-शैली और संवेदनशील अभिव्यक्ति की मुक्त कंठ से सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि यह कृति मानवीय संवेदनाओं, नारी जीवन, संघर्ष, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। इस अवसर पर सभी आमंत्रित अतिथियों, साहित्यकारों एवं कवि-कवयित्रियों को अंगवस्त्र, पुष्पमाला एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख साहित्यकारों एवं गणमान्य अतिथियों में सर्वश्री आरती वर्मा, मनोरमा, नयन नीरज, ओमप्रकाश प्रजापति, अशोक कुमार, आशीने देशपांडे, डॉ. सविता चड्ढा, आयुषी गौड़, ऋचा गौड़, देवेंद्र कुमार शर्मा, अजीत अनुराग, ऋतु शुक्ला, पुनीता सिंह, प्रमोद प्रजापति, रितु रस्तोगी, रुचिका राणा, गौतम छापर, लक्ष्मण सोनी, सुरेश चंद्रा, योगेश कुमार, डॉ. मनोज कुमार सहित अनेक साहित्यकार, कवि, पत्रकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। लोकार्पण समारोह के पश्चात आयोजित भव्य काव्य गोष्ठी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। उपस्थित कवि एवं कवयित्रियों ने प्रेम, प्रकृति, राष्ट्र, समाज, नारी सम्मान, मानवीय संबंधों तथा समसामयिक विषयों पर अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। सभागार कई बार तालियों की गूंज से भर उठा और श्रोताओं ने प्रत्येक प्रस्तुति की भरपूर सराहना की। अपने संबोधन में लेखिका सुश्री ऋचा गौड़ ने पुस्तक के सृजन की प्रेरणा, लेखन यात्रा और पुस्तक के मूल भाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कृति उनके जीवन के अनुभवों और समाज में व्याप्त मानवीय संवेदनाओं का साहित्यिक रूपांतरण है। उन्होंने पुस्तक के प्रति सभी साहित्यकारों द्वारा व्यक्त किए गए स्नेह एवं प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर ट्रू मीडिया के संपादक श्री ओमप्रकाश प्रजापति ने सभी विशिष्ट अतिथियों, साहित्यकारों, कवियों, पत्रकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित श्रोताओं के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ट्रू मीडिया साहित्य, संस्कृति, पत्रकारिता और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में निरंतर ऐसे रचनात्मक आयोजनों का आयोजन करता रहेगा, ताकि साहित्यकारों को सम्मान और उनकी कृतियों को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने का सशक्त मंच मिलता रहे। पूरे आयोजन में आत्मीयता, साहित्यिक गरिमा और सांस्कृतिक सौहार्द का सुंदर समन्वय देखने को मिला। यह आयोजन केवल एक पुस्तक के लोकार्पण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साहित्यकारों के सम्मान, रचनात्मक संवाद और सांस्कृतिक एकता का प्रेरणादायी उत्सव बन गया। उपस्थित सभी साहित्य प्रेमियों ने इसे ट्रू मीडिया परिवार का एक सफल, सुव्यवस्थित और स्मरणीय साहित्यिक आयोजन बताया।
