दिल्ली 8जून:~अमृत से बढ़कर कथामृत महत्वपूर्ण होता है यह संदेश दिया गया स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज द्वारा सनातन धर्म अंतर्गत पावन पुरुषोत्तम मास संदर्भ में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा से पहले गोरख पार्क शाहदरा स्थित श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर से निकाली गई कलश यात्रा में भक्तों को।
दरबार के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में श्रीमदभागवत कथा सनातनी संस्कृति एवं राष्ट्र प्रेम भाव के उद्देश्य से स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज के सान्निध्य में 14 जून तक वृन्दावन रसिक श्रीमद्भागवत कथा मर्मज्ञ मनोज कृष्ण जी द्वारा संगीतमय अमृत वर्षा से पहले कथास्थल श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर से रथ, बैंड-बाजे,ढोल, नपीरी- ताशे के साथ निकाली यात्रा में सनातन धर्म के साथ राष्ट्रधर्म की साक्षात झांकी देखने को मिली यात्रा में भक्तों के हाथ में भगवा ध्वज के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा शोभायमान रहा।एक तरफ जय श्री राम, जयकारा वीर बजरंगी के जैकारे गूंज रहे थे तो दूसरी तरफ भारत माता की जय~वंदेमातरम से सारा माहौल ऐसा प्रतीत होने लगा जैसे कोई राष्ट्रीय उत्सव मनाया जा रहा हो।रथ में कथाव्यास श्री मनोज कृष्ण जी विराजमान रहे जिनकी अगवानी करती महिलाओं के मस्तक पर अमृत रूपी जल से परिपूर्ण कलश तो दूसरी तरफ पुरुषों के सर पर बारी बारी श्रीमद्भागवत पुराण जी शोभायमान हो रहे थे।
भीषण गर्मी के मद्देनजर शोभायात्रा में भक्तों के लिए ग्लूकोज डी
,ठंडा मीठा शरबत का पूर्ण प्रबंध से सुसज्जित वाहन चल रहे थे।गुरु माता जी एवं स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज सहित भक्तों का जगह जगह फूलमालाओं पुष्पवर्षा से स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।
राम वोहरा ने बताया कि 8जून से 13 जून तक प्रतिदिन दोपहर ढाई से शाम 6बजे तक कथामृत वर्षा होगी।14 जून सुबह 9बजे यज्ञ पूर्णाहुति भंडारा आयोजन के साथ कथा सम्पन्न होगी।परहित सरस धर्म नहीं विचारधारा से अभावग्रस्त बहनों को राशन सामग्री प्रसाद रूप में वितरित की जाएगी और अभावग्रस्त परिवारों की कन्याओं का विवाह किया जाएगा।
इस अवसर पर भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि "लोगों में इस बात की भ्रांति है कि पुरुषोत्तम मास में शुभकार्य निषेध है जबकि पुरुषोत्तम मास में केवल शुभकार्यों को ही महत्वपूर्ण माना गया हैं।इस कथा का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सेवा की दिशा में अग्रसर किया जाना है।जिससे भारतीय युवाओं को नशे के झूठे मजे से बचाकर सेवा मार्ग के सच्चे मार्ग पर अग्रसर किया जा सके।कलश यात्रा के पीछे संदेश होता हैं कि संतों द्वारा किया गया सत्संग अमृत से बढ़कर महत्वपूर्ण सिद्ध होता हैं।कलश यात्रा से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण स्पष्ट दिखाई देता है जब घर घर से लोग प्रसाद वितरण,ग्रहण करने के लिए बाहर निकलते हैं, जिव्हा से प्रभु नाम की गूंज,बिना किसी जात पात के सब एक साथ भजन करना समरसता का प्रतीक इससे माहौल में पवित्रता की स्थापना होती हैं।भव्य शोभायात्रा में निगम पार्षद प्रियंका सक्सेना,अनिल गौतम,समाज सेवी प्रेम बाबू सक्सेना,संजीव किसान,दीपक शर्मा,राजीव कौशिक,अजीत अग्रवाल सहित अनेक राजनेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि,धर्म गुरु जनों ने भाग लिया।
