गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में विद्यार्थी, प्राध्यापक सहित स्टाफ के अन्य सदस्य पारंपरिक योग के शुद्ध स्वरूपों से अवगत हुए। उन्होंने जाना कि किस तरह शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शान्ति एवं आध्यात्मिक आनन्द प्राप्त कराने वाली योगविद्या का न केवल व्यवसायीकरण किया जा चुका है, बल्कि स्वरूप भी या तो परिवर्तित या विकृत किया जा चुका है। इस लिहाज से विश्व प्रसिद्ध बिहार योग विद्यालय के वरिष्ठ संन्यासी स्वामी शिवराजानंद सरस्वती की उपस्थिति में आयोजित योग सत्र बेहद सफल रहा। साथ ही यह आयोजन योगविद्या के मूल उद्देश्य की झलक मात्र पाने वाले छात्रों के लिए यादगार भी बना। मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस की ओर से आयोजित इस योग साधना सत्र में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर मेवाड़ की निदेशक डॉ अलका अग्रवाल की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को विशेष बनाया। उषाकाल ज्ञान फाउंडेशन के संरक्षक एवं आध्यात्मिक पत्रकार किशोर कुमार ने योग विषय की जानकारी दी। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित त्यागराज स्टेडियम में आगामी 1, 2 व 3 मई को आधुनिक युग के वैज्ञानिक संत परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती की उपस्थिति में बिहार योग विद्यालय के योग साधना सत्र की तैयारी का भी हिस्सा था। त्यागराज स्टेडियम में योग साधक अध्यात्म में प्रवेश कराए जाने के दृष्टिकोण से अवगत होंगे और व्यावहारिक योग विधियों का अभ्यास भी करेंगे।
