- संतोष श्रीवास्तव
दिनांक - 16 फरवरी 2026, सोमवार शाम 6:00 बजे, गूगल मीट पर आयोजित किया गया।
इस अवसर अध्यक्षता कर रही अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच की संस्थापक अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने कहानी संवाद में पढ़ी गई दोनों कहानियों और उन पर की गई समीक्षाओं की सराहना की और कहानी के सन्दर्भ में बात करते हुए कहा कि -
“वर्तमान समय में हमें अपनी जड़ों को पहचानने की ज़रुरत है। आज कल पौराणिक पृष्ठ भूमि की कहानियों का चलन है। लेकिन इसमें बहुत सावधानी की ज़रुरत है । अगर मूल कथा से कहानी भटक गई तो पाठक को पकड़ते देर नहीं लगती। अगर प्रस्तुतीकरण अच्छा हो तो कहानी श्रोताओं को अपनी ओर सहज आकर्षित करती है।”
मुख्य अतिथि गोविन्द शर्मा ने डॉ रजनी मिश्रा की कहानी, ‘अमावस का चाँद’ , पर अपनी समीक्षात्मक टिप्पणी व्यत्क करते हुए कहा कि -
“कहानी एक वाचिक परम्परा है। वाचिक विधा का सशक्त माध्यम कहानी है। नानी-दादी की गोद में सुनी गई कहानियाँ, कहानियाँ न होकर संस्कार हैं। कहानी गाँव कसबे और किसानों से निकलकर, अब आम आदमी की कहानी बन गई है। डॉ रजनी मिश्रा की कहानी अमावश का चाँद उन लोगों की कहानी है जो इस दुनिया से जाने वालों के साथ जो लोग बच जाते हैं, दरअसल उन लोगों की कहानी है। विधवा या पुनर्विवाह का होना बहुत आसान नहीं है। यह कहानी पुनर्विवाह की कहानी न होकर एक निबाह की कहानी है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ रीता दास राम ने कहा कि - "इंजिनियर आशा शर्मा की कहानी, गंगा किनारे वाली, युवाओं के विचारों को समझने की कोशिश करती है तथा नए विचारों को प्रधानता देती हुई कहानी है। इसमें कोई शक नहीं कि समाज के मूल्य और विचार बदल रहे हैं।”
अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच की मध्य प्रदेश इकाई की अध्यक्ष शेफालिका श्रीवास्तव ने सभी का स्नेहिल स्वागत किया। अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की मंत्री जया केतकी शर्मा जी ने सभी माननीय अतिथियों और दर्शकों का आत्मीय आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन महासचिव मुज़फ्फर इक़बाल सिद्दीकी ने किया।
कहानी संवाद के इस कार्यक्रम में देश-विदेश से अनेक साहित्यकार एवं पत्रकार अंत तक उपस्थित रहे।
प्रस्तुति - मुज़फ्फर सिद्दीकी
