दिल्ली 14 सितंबर:~ "किसी भी कार्यक्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को सहयोग देकर आगे बढ़ाना राष्ट्रसेवा एवं दैविक कार्य ही जानिए" यह संदेश दिया गया स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज द्वारा एक युवा जिम्नास्ट को सहयोग देकर विदेश खेलने के लिए विदा करते हुए श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर गोरख पार्क शाहदरा में।
स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज के शिष्य परिकर के जितेंद्र शर्मा का युवा बेटा आरोह शर्मा राष्ट्रीय स्तर पर जिम्नास्टिक खिलाड़ी है।जिसने पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर कई बार स्वर्ण, रजत, एवं कांस्य पदक जीते है।
इस बार फ़ारोहस वर्ड कप 2026जोकि कायरो सिटी इजिप्ट में जिम्नास्टिक प्रतियोगिता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। युवा खिलाड़ी आरोह शर्मा को फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा चयन किया गया। लेकिन आर्थिक कारणों से विदेश जाने में असमर्थता का पता जब सदगुरु राजदरबार के प्रबंधक राम वोहरा को मालूम पड़ा तो उन्होंने तत्काल कुछ लोगों से संपर्क किया और नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड चीफ विजिलेंस कमिश्नर अमित शर्माजी के माध्यम एवं श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर समूह तत्काल सहयोग उपलब्ध कराया गया जिससे युवा खिलाड़ी आरोह शर्मा का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
युवा जिम्नास्टिक खिलाड़ी आरोह शर्मा एवं उसके पिता जितेंद्र शर्मा ने राम वोहरा एवं श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर का धन्यवाद करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज द्वारा आरोह को शुभकामनाएं देकर,चुनरी ओढ़ाकर तिलक लगाकर एवं रक्षा सूत्र बांधकर विदेश रवाना किया।
इस अवसर पर स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज ने कहा कि कई ऐसी युवा प्रतिभाएं है जिनमें राष्ट्र का नाम रोशन करने के सारे गुण है लेकिन अभिन्न कारणों से अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने से वंचित रह जाते है। ऐसी प्रतिभाओं को सहयोग देकर आगे बढ़ाना राष्ट्रसेवा एवं दैविक कार्य ही माने।गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर युवा खिलाड़ी का विदेश गमन का श्रीगणेश की दिशा में सेवा ही गणपति की सर्वोत्तम पूजा सेवा जानिए।
