नई दिल्ली। साहित्य जब कला से मिलता है और कला को काव्य की संवेदनशीलता का साथ मिलता है, तब सृजन का ऐसा संसार आकार लेता है, जो लंबे समय तक स्मृतियों में बना रहता है। ऐसा ही अनूठा दृश्य 13 सितंबर 2026 को जशाला फाउंडेशन, दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित ‘त्रिवेणी समारोह-साहित्य, काव्य एवं कला का अद्भुत संगम’ में देखने को मिला। स्वर्णकार धर्मशाला, कैलाश कॉलोनी, ज्योति नगर, दिल्ली में आयोजित इस समारोह में साहित्य, कविता और विश्वस्तरीय रस्सी चित्रकला ने एक ही मंच पर अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण ‘ट्रू मीडिया पत्रिका’ के विशेषांक का लोकार्पण रहा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट रस्सी चित्रकला के लिए पहचान बना चुके श्री सुरेश पाल वर्मा जसाला के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित था। पत्रिका ने उनके रचनात्मक सफर, कला-साधना और उपलब्धियों को साहित्यिक दृष्टि से सामने लाते हुए उनके योगदान को व्यापक समाज तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया। कार्यक्रम में काव्य अनुगूज कवि सम्मेलन ने वातावरण को काव्यात्मक संवेदनाओं से भर दिया। कवियों की रचनाओं में जीवन, समाज और मानवीय सरोकारों की विविध छवियां दिखाई दीं। वहीं समारोह का कला पक्ष अपने आप में बेहद अनूठा रहा। रस्सी चित्रकार सुरेश पाल वर्मा जसाला के रस्सी चित्रों की प्रदर्शनी ने उपस्थित साहित्यकारों और कला प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। सामान्यतः उपयोग में आने वाली रस्सी को कलात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाकर तैयार की गई उनकी कृतियों ने यह संदेश दिया कि सच्ची कला साधारण वस्तु में भी असाधारण संभावनाएं खोज लेती है। समारोह की अध्यक्षता डॉ. जय सिंह आर्य ने की, जबकि श्री जितेंद्र बच्चन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर ट्रू मीडिया के प्रधान संपादक श्री ओमप्रकाश प्रजापति, डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. बृजपाल सिंह संत, श्री प्रीतम सिंह प्रीतम, श्री राजेंद्र वर्मा प्रधान मंचासीन रहे, श्री राम चरण सिंह साथी, श्री निर्दोष कुमार शर्मा, श्री राजेश मंडार एवं श्री सोनू सागर सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्वों की विशेष उपस्थिति रही। समारोह में दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों साहित्यकार, साहित्य प्रेमी और समाजसेवी सहभागी बने। आयोजन की गरिमा को देखते हुए सभी प्रमुख अतिथियों एवं विशिष्टजनों को ‘राष्ट्र गौरव सम्मान’, अंगवस्त्र एवं मोतियों की माला से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने आयोजन को केवल साहित्यिक मंच न रखकर सामाजिक और सांस्कृतिक संवाद का भी महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया।
इस अवसर पर ट्रू मीडिया के प्रधान संपादक श्री ओमप्रकाश प्रजापति ने रस्सी चित्रकला के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाले श्री सुरेश पाल वर्मा जसाला को ‘ट्रू मीडिया गौरव सम्मान-2026’, अंगवस्त्र एवं पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। यह सम्मान उनकी कला-साधना और रचनात्मक योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक बना। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों और साहित्यकारों ने रस्सी चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। चित्रों की मौलिकता, बारीक कारीगरी और कल्पनाशीलता ने सभी को प्रभावित किया। प्रदर्शनी की उपस्थितजनों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे कला की पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर प्रयोगधर्मिता का शानदार उदाहरण बताया। आज के दौर में जब साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजनों को नई पीढ़ी से जोड़ने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ऐसे में ‘त्रिवेणी समारोह’ ने एक सकारात्मक संदेश दिया। समारोह ने यह साबित किया कि साहित्य केवल शब्दों तक सीमित नहीं है और कला केवल कैनवास तक नहीं, दोनों मिलकर समाज की संवेदनाओं को नई भाषा दे सकते हैं। श्री सुरेश पाल वर्मा जसाला के व्यक्तित्व-कृतित्व पर केंद्रित ट्रू मीडिया पत्रिका का लोकार्पण और उनकी अनूठी रस्सी चित्रकला का प्रदर्शन इस समारोह की सबसे बड़ी विशेषता बनकर उभरा। वहीं काव्य सम्मेलन ने शब्दों को स्वर दिया और सम्मान समारोह ने सृजनशील व्यक्तित्वों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त की। कुल मिलाकर, ‘त्रिवेणी समारोह’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि साहित्य, काव्य और कला को एक साझा मंच पर लाने वाला सांस्कृतिक अभियान बनकर सामने आया, जहां शब्दों ने संवेदना जगाई, कविता ने मन को छुआ और रस्सी की साधारण डोर ने असाधारण कला का रूप लेकर यह संदेश दिया कि सृजन की कोई सीमा नहीं होती।
