भजनपुरा, दिल्ली। सनातन संस्कृति के संवर्धन एवं आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से संचालित "श्री राम नाम लेखन अभियान" की सांस्कृतिक श्रृंखला का 28वाँ आयोजन भजनपुरा मार्केट में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर 123 श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक "श्री राम" नाम का लेखन कर प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। अभियान में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं को सम्मानपूर्वक उपहार भेंट किए गए।
अभियान के संयोजक भुवनेश सिंघल ने बताया कि उनका संकल्प एक करोड़ "श्री राम" नाम लेखन कराने का है। उन्होंने कहा कि राम नाम का स्मरण और लेखन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त बनाने का एक जनआंदोलन है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रत्येक सप्ताह नियमित रूप से आयोजित किया जाता है, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। राम नाम लेखन करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार प्रदान किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुण्य कार्य से जुड़ सकें।
भुवनेश सिंघल ने बताया कि अभियान के अंतर्गत लिखे गए "श्री राम" नाम के प्रत्येक पृष्ठ को श्रद्धापूर्वक एकत्रित कर "दिव्य आलौकिक बैंक" में सुरक्षित रखा जाता है। यह दिव्य संकलन केवल कागज़ों का संग्रह नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का आध्यात्मिक भंडार है। उनका उद्देश्य एक करोड़ राम नाम लिखवाकर इस दिव्य आलौकिक बैंक को जन-जन की श्रद्धा का प्रतीक बनाना है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान से बच्चों एवं विद्यार्थियों की लेखन क्षमता, एकाग्रता और सुंदर हस्तलेखन का विकास होता है। वहीं युवाओं और समाज में सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा, संस्कार और धार्मिक चेतना का विस्तार होता है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता, पारस्परिक सहयोग और आत्मीयता की भावना भी निरंतर सुदृढ़ होती है।
कार्यक्रम का समापन "जय श्री राम" के उद्घोष, राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ
