बरनाला, 4 सितंबर: मानवता की सेवा के उद्देश्य से संत निरंकारी मिशन द्वारा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से संत निरंकारी सत्संग भवन, मालेरकोटला में रक्तदान शिविर लगाया गया। इस शिविर में कुल 101 निरंकारी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया और मानवता की सेवा का संदेश दिया।
इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन संगरूर जोन के जोनल इंचार्ज डॉ. वी.सी. लूथरा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने रक्तदान को मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण साधन बताया है। मानव रक्त का कोई विकल्प नहीं है। रक्तदान केवल सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में योगदान देने वाली महान सेवा है। प्रत्येक स्वस्थ एवं योग्य व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार ऐसी सेवा गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि संत निरंकारी मिशन द्वारा अब तक 9,000 से अधिक रक्तदान शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 15 लाख यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। संत निरंकारी मिशन द्वारा समय-समय पर लगाए जाने वाले रक्तदान शिविर मानव कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में निःस्वार्थ सेवा, मानव एकता, परोपकार, भाईचारे और आपसी सहयोग का संदेश दिया जा रहा है।
उन्होंने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के प्रेरणादायक कथन, “रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों में बहना चाहिए”, को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से सतगुरु के एकता के संदेश को व्यावहारिक रूप दिया जा सकता है। यह सेवा मानवता के प्रति प्रेम, दया और समर्पण की भावना को दर्शाती है। रक्तदान के माध्यम से हम किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में आशा की नई किरण जगा सकते हैं।
इस अवसर पर मालेरकोटला ब्रांच के मुखी मेवा सिंह जी ने संगरूर जोन के जोनल इंचार्ज डॉ. वी.सी. लूथरा, रक्तदाताओं, विभिन्न ब्रांचों से पहुंचे संयोजकों, मुखियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों का शिविर में पहुंचने और सहयोग देने के लिए धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
इस शिविर में सिविल अस्पताल मालेरकोटला से पहुंची डॉक्टरों की टीम ने बहुत ही सुचारू ढंग से रक्त एकत्रित किया। वहीं मालेरकोटला क्षेत्र के क्षेत्रीय संचालक रणजीत सिंह राणा जी के नेतृत्व में सेवादार भाई-बहनों ने भी भरपूर सेवाएं निभाईं।
रक्तदान शिविर में श्रद्धालुओं ने उत्साह और सेवा-भावना के साथ भाग लेते हुए यह संदेश दिया कि मानवता की सेवा, आपसी भाईचारा और सहयोग ही समाज को मजबूत बनाने का आधार हैं।

ਧੰਨ ਨਿਰੰਕਾਰ ਜੀ
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