गाजियाबाद, 8 जुलाई। दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद स्थित काईट मानद विश्वविद्यालय में मंगलवार को नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए फ्रेशमैन इंडक्शन प्रोग्राम-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। 8 जुलाई से 31 जुलाई तक चलने वाले इस एक माह के कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, शोध, नवाचार, उद्योग एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग, छात्र सुविधाओं, नैतिक मूल्यों और कैंपस जीवन से परिचित कराया जाएगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं गाजियाबाद के सांसद श्री अतुल गर्ग, चेयरमैन श्री सरीश अग्रवाल, जनरल सेक्रेटरी श्री सुनील पी. गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्री जी.डी. जैन, कुलपति प्रो. नागराज रामराव, सम-कुलपति डॉ. मनोज गोयल, शैक्षणिक निदेशक डॉ. आदेश कुमार पांडेय, मुख्य अतिथि श्री कुमार विनीत (वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं विशेष सचिव, युवा कल्याण एवं खेल विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) तथा विशिष्ट अतिथि पद्मश्री स्वामी भारत भूषण जी और डॉ. सुधांशु गुप्ता (सीनियर डायरेक्टर, एनटीटी डेटा) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, फंक्शनल हेड्स, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कुलपति प्रो. नागराज रामराव ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और वैश्विक पहचान से अवगत कराया। उन्होंने कहा, “काईट ने उद्योग और दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित की है। एल एंड टी, एसएपी, ईवाई, इंटी इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, आरडब्ल्यूटीएच आखेन यूनिवर्सिटी सहित अनेक संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, शोध और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के अवसर मिलते हैं। अपने चार वर्षों की इस यात्रा में स्वयं की तुलना दूसरों से न करें, शिक्षकों का सम्मान करें और हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करें।“
कुलाधिपति एवं गाजियाबाद के सांसद श्री अतुल गर्ग ने कहा, “विश्वविद्यालय जीवन आपके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। अब आपको आत्मनिर्भर बनना होगा। पढ़ाई के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व और कौशल विकास पर भी ध्यान दें। चाहे आपकी रुचि नवाचार, उद्यमिता, खेल, साहित्य या फिल्म निर्माण में हो, काईट आपको हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करता है।“
उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (TBI-KIET) की जानकारी देते हुए बताया कि नवाचार आधारित स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय मार्गदर्शन, मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन तथा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 10 से 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त करने में सहयोग करता है।
मुख्य अतिथि श्री कुमार विनीत ने भगवान श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को विविध कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "इंजीनियरिंग केवल किताबों तक सीमित नहीं है। आपकी सफलता आपके कौशल, ज्ञान, व्यवहार और संबंधों पर निर्भर करती है। विश्वविद्यालय के ये चार वर्ष आपके आने वाले चालीस वर्षों की दिशा तय करेंगे। इसलिए अपने कौशल को निरंतर निखारें, शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें और हमेशा प्रेरित होकर आगे बढ़ें।"
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री स्वामी भारत भूषण जी ने विद्यार्थियों को समय का महत्व समझाते हुए कहा, "सच्चा ज्ञान केवल विश्वविद्यालय की फीस जमा करने से नहीं मिलता। गुरु के प्रति श्रद्धा, निरंतर परिश्रम और सीखने की लगन ही विद्यार्थी को सफल बनाती है।"
उन्होंने विद्यार्थियों से ब्रह्ममुहूर्त में जागने, प्रतिदिन माता-पिता का आशीर्वाद लेने, नियमित योग करने, सात्विक भोजन अपनाने और स्वाध्याय की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये पाँच संकल्प विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और जीवन दोनों को श्रेष्ठ बनाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। एचपी प्राइवेट लिमिटेड के श्री अंशुल ने उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं और करियर के अवसरों पर चर्चा की। एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ के श्री हरदीप सिंह बमराह ने "शिक्षा से उद्योग तक की यात्रा" विषय पर अपने अनुभव साझा किए, जबकि एव्रो प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक
