गाजियाबाद। 29 मार्च 2026 की शाम एपेक्स ग्रीन वेली, वैशाली गाजियाबाद में एक यादगार सांस्कृतिक आयोजन का साक्षी बनी। स्वर्गीय सुधीश कुमार गर्ग की 75वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में “ग़ज़लों भरी एक शाम” का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने साहित्य और संगीत प्रेमियों के दिलों को गहराई से छू लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ओमप्रकाश प्रजापति उपस्थित रहे, वहीं अध्यक्षता समाजसेवी एस. के. दुग्गल ने की। आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वर्गीय सुधीश कुमार गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस भव्य आयोजन की संयोजक डॉ. अर्चना गर्ग रहीं, जिनके प्रयासों से यह साहित्यिक संध्या सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर मंच को सजीव बनाया कई प्रतिभाशाली ग़ज़लकारों ने। एस. के. दुग्गल, चंद्रिका अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल, सुनंदा श्रीवास्तव, अनुभा पांडे, नीरज नयन, संगीता गुप्ता, नीना दुग्गल और निधि बुटटन ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बाँध दिया। उनकी ग़ज़लों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति और लयबद्ध प्रस्तुति ने सभागार में बैठे हर श्रोता को मंत्रमुग्ध कर दिया और बार-बार तालियों की गूंज पूरे माहौल को जीवंत करती रही। कार्यक्रम का कुशल संचालन नीरज नयन ने किया, जिन्होंने अपनी सहज शैली और प्रभावशाली संवाद से कार्यक्रम को एक सूत्र में पिरोए रखा। इस अवसर पर सभी ग़ज़लकारों का सम्मान आयोजक डॉ. अर्चना गर्ग द्वारा अंगवस्त्र, पौधे और पुष्पहार भेंट कर किया गया। यह सम्मान न केवल कलाकारों के प्रति आदर का प्रतीक था, बल्कि साहित्यिक संस्कृति के संरक्षण का भी संदेश देता है। कार्यक्रम में नवीन, पी.के. श्रीवास्तव, अजय अग्रवाल, नीना दुग्गल, रेणुका कृष्णा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सांस्कृतिक संध्या का आनंद लिया। पूरे आयोजन का वातावरण भावनाओं, साहित्य और संगीत के सुंदर संगम से सराबोर रहा। स्वर्गीय सुधीश कुमार गर्ग की स्मृति में आयोजित यह ग़ज़ल संध्या न केवल एक श्रद्धांजलि थी, बल्कि ग़ज़ल विधा के प्रति लोगों के प्रेम और जुड़ाव का भी जीवंत उदाहरण बनी।
