शिक्षक दिवस के अवसर पर RPL माहेश्वरी महाविद्यालय में प्रबंधन समिति द्वारा महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य, ख्यातिप्राप्त शिक्षाविद्, प्रखर विचारक, लेखक एवं समाजसेवी प्रो. नन्दकिशोर मालानी सर का गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयकिशन साहू सहित सभी प्राध्यापकों का भी सम्मान किया गया।
प्रो. नन्दकिशोर मालानी का जन्म वर्ष 1941 में हुआ। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। अकादमिक रूप से एम.कॉम. में मेरिट होल्डर तथा एलएल.बी. में स्वर्ण पदक विजेता रहे प्रो. मालानी ने वर्ष 1963 से 2008 तक 45 वर्षों से अधिक समय तक अध्यापन, शोध एवं संस्थागत प्रशासन को समर्पित किया।
उन्होंने शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आगर-मालवा के प्राचार्य, आर.पी.एल. माहेश्वरी महाविद्यालय के प्राचार्य एवं गवर्निंग बॉडी अध्यक्ष तथा श्री क्लॉथ मार्केट इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के संस्थापक प्राचार्य के रूप में उल्लेखनीय नेतृत्व प्रदान किया।
प्रो. मालानी 'प्रबंधन के सिद्धांत' पुस्तक के रचयिता हैं तथा उन्होंने 1,000 से अधिक आलेखों एवं शोधपत्रों के माध्यम से अकादमिक जगत को समृद्ध किया है। उन्होंने आईआईएम इंदौर, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय सहित देशभर के 100 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थानों में व्याख्यान दिए हैं। दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से भी उन्होंने अपने विचारों एवं ज्ञान को व्यापक समाज तक पहुँचाया।
शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति भी प्रो. मालानी सदैव सजग रहे। वे जीवनपर्यंत सामाजिक कुरीतियों एवं पर्दा प्रथा के मुखर विरोधी रहे तथा माहेश्वरी समाज की राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संस्थाओं के मार्गदर्शक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनका संपूर्ण जीवन सात्विक मूल्यों, समाज सुधार एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहा है।
समारोह में महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री रामअवतारजी जाजू, उपाध्यक्ष श्री कमलनारायणजी भुराड़िया, सचिव डॉ. वीणाजी सोनी, श्री कैलाशजी मुंगड़, श्री लक्ष्मणजी मुछाल, श्री लक्ष्मीकांतजी बंग, श्री प्रकाशजी कलंत्री एवं माहेश्वरी विद्यालय ट्रस्ट के सचिव श्री भरत सारडा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रो. मालानी के दीर्घ शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। समारोह गरिमामय एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ।
