नई दिल्ली। साहित्य, शिक्षा, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय संस्था ‘पथगामिनी’ का पंचम वार्षिकोत्सव 27 सितंबर को शाहदरा स्थित ईस्ट एंड क्लब, महाराजा सूरजमल मार्ग में उत्साहपूर्ण एवं साहित्यिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस वर्ष वार्षिकोत्सव का मुख्य विषय “शिक्षा व्यवस्था-वर्तमान और भविष्य” रहा। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान चुनौतियों, बदलते परिवेश और भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक विमर्श हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और ओम आलाप संगीत महाविद्यालय के बच्चों ने सरस्वती वंदना पर कत्थक नृत्य की सुंदर प्रस्तुति की। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मुख्य वक्ता डॉ. एस.पी. सिंह, एजुकेशन डायरेक्टर, जीजीएसआईपी यूनिवर्सिटी ने की। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) मधु चतुर्वेदी तथा सारस्वत अतिथि हरियाणा गौरव डॉ. सविता चड्ढा रहीं। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) मधु चतुर्वेदी ने अपनी कविताओं के माध्यम से कार्यक्रम को साहित्यिक गरिमा प्रदान करते हुए आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं। वहीं डॉ. सविता चड्ढा ने ‘औरत के अंदर औरत’ कविता का पाठ किया, जो आधी आबादी को समर्पित रहा और स्त्री के अंतर्मन तथा उसकी संवेदनाओं को अभिव्यक्ति देता नजर आया। युवा वक्ता डॉ. विशाल पाण्डेय ने शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर सार्थक चर्चा करते हुए कहा कि “सूचना की प्रचुरता अपने आप में शिक्षा नहीं है। सूचना को पचाकर विवेकपूर्ण समझ विकसित करना ही शिक्षा है।” उन्होंने शिक्षा में समानता के प्रश्न को रेखांकित करते हुए कहा कि समान पाठ्यक्रम के साथ यदि समान संसाधन उपलब्ध नहीं हैं तो शिक्षा में समानता का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मशीन उत्तर दे सकती है, परंतु भावनात्मक दृष्टि से मानवीय संवेदना और समझ के लिए मनुष्य की आज भी आवश्यकता है।
कवि ज्ञान चंद्र मिश्रा जी के पुस्तक समय के स्वर का लोकार्पण किया गया।
काव्य-पाठ एवं मुशायरा सहित विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सत्र आयोजित किए गए। इस मौके पर ट्रू मीडिया के संपादक श्री ओमप्रकाश प्रजापति को पथगामिनी की संस्थापिका श्रीमती मंजुला श्रीवास्तव व अन्य पदाधिकारियो द्वारा सम्मानित किया गया, दूसरे सत्र में 28 कवि-कवयित्रियों ने विभिन्न विधाओं में अपनी रचनाएंँ प्रस्तुत कीं। गीत, दोहा, गजल, छंद, मुक्तक सहित विविध काव्य विधाओं की प्रस्तुतियों से सभागार साहित्यिक रंग में सराबोर रहा। तीसरे सत्र में आयोजित मुशायरे में देश-विदेश से आए 10 गजलकारों ने अपनी गजलों से मंच को जीवंत कर दिया। गजलकारों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर दाद दी और कवियों ने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही बटोरी।विभिन्न सत्रों का संचालन एन.के. झा, डॉ. उषा श्रीवास्तव तथा शायरा सोनिया सोनम ‘अक्स’ ने किया। इस अवसर पर ‘पथगामिनी’ की संस्थापिका एवं अध्यक्ष आ. मंजुला श्रीवास्तवा, उपाध्यक्ष आ. बीनूं सिंह एवं आ. रेनू राय, संयोजिका एवं कोषाध्यक्ष आ. शुभ्रा पालीवाल, पटल अध्यक्ष आ. सोनिया सोनम ‘अक्स’, मीडिया प्रभारी आ. अम्बिका मनोज जायसवाल, सचिव आ. देवकृष्ण गुप्ता तथा संगठन मंत्री एवं संरक्षक आ. महेंद्र तिवारी ‘अलंकार’ सहित संस्था से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। परामर्श मंडल में आ. उमंग जौली सरीन एवं डॉ. नफ़स अंबालवी सहित साहित्य एवं समाज से जुड़े आ. वर्षा जायसवाल एवं श्री नाजिम अली शामिल रहे। संस्थापिका एवं अध्यक्ष आ. मंजुला श्रीवास्तवा ने कहा कि ‘पथगामिनी’ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर निरंतर सार्थक संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रही है। पंचम वार्षिकोत्सव इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन रहा, जिसमें शिक्षा के वर्तमान और भविष्य के साथ साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। अंत में संस्थापिका पथगामिनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
