विक्रम संवत 2083 के स्वागत में आईपेक्स भवन में काव्य उत्सव आईपेक्स भवन वेलफेयर सोसाइटी की प्रतिष्ठित त्रि मासिक काव्य परंपरा गोष्ठी की श्रृंखला में 152वीं गोष्ठी भारतीय नववर्ष विक्रमो सवत् 2083 के शुभ आगमन पर कवियत्री सम्मेलन के रूप में संपन्न हुई। प्रयोग-धर्मिता की शृंखला में इस बार मशहूर कवियत्री अनु सपन (भोपाल), मुमताज नसीम (अलीगढ़) श्वेता सिंह (गुरुग्राम), दीपाली जैन जिया (हास्य -गाजियाबाद - मंच संचालन), शिवांगी प्रेरणा (भोपाल) ने अपनी काव्य रचनाओ से आईपैक्स भवन सभागार में उपस्थित श्रोताओ को आनन्दित कर वाहवाही लुटी |
कवियत्री सम्मेलन का शुभ आरम्भ वरिष्ठतम कवियत्री श्रीमती प्रमिला भारती ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया | समाज के अनेकानेक गणमान्य जनों ने समारोह की गरिमा बढाई। प्रारंभ में काव्य परम्परा गोष्ठी के संस्थापक व संरक्षक श्री सुरेश बिंदल, श्री सुरेश मित्तल, श्री डा० चेतन गुप्ता, श्री बी० एम० अग्रवाल, श्री योगेन्द्र बंसल, श्रीमती गीता शर्मा व अन्य सदस्यों ने आमंत्रित कवियत्रीयों का स्वागत किया। कार्यक्रम का प्रारंभ आईपी एक्सटेंशन निवासी कवि राजेश अग्रवाल ने आमंत्रित श्रोताओं के स्वागत व कवियत्रीयों के परिचय के साथ किया। वरिष्ठ और युवा कवियत्रीयों ने जो शमां बांधा उसकी कुछ बानगी: डॉ अनु सपन भोपाल ने पढ़ा
आपसे दूर रह नहीं पाते
अब ये तन्हाई सह नहीं पाते,
मेरी पलकों को आप पढ़ लेना,
होंठ कायर हैं कह नहीं पाते ll
अलीगढ़ से पधारी मशहूर शायरा मुमताज़ नसीम ने अपने शायरी प्रस्तुत की |
मेरी ग़ज़ल जो उसको अपने नाम से सुनाई है
मेरी निगाह में हुज़ूर ये भी बेवफ़ाई है ।
गुरुग्राम से पधारी श्वेता सिंह ने पढ़ा
जिनके चेहरे बहुत भोले भाले मिले.
उनके मन के सभी पृष्ठ काले मिले.
विषवमन की हुई जाँच पड़ताल जब.
नेवले ही यहां सांप पाले मिले.
शिवांगी प्रेरणा ने पढ़ा
प्रेम नयनों में अपने बसाने लगूं
प्रेम रंग से ही अंतस रंगाने लगूं
कृष्ण की बांसुरी- सा सुरीला हो स्वर
प्रीत राधा के जैसी निभाने लगूं
जीवन दर्शन, प्रेम और सम्माजिक ताने-बाने से बुनी अपनी रचनाओं से सभी ने जबरदस्त तालियाँ बटोरी।
परम्परा के संरक्षक और देश के प्रख्यात कवि राजेश चेतन जी सहित सभी गणमान्य कार्यक्रम के अंत तक उपस्थित रहे। गोष्टी का सफल संचालन दीपाली जैन जिया (हास्य -गाजियाबाद ) ने किया। आज की सफल गोष्ठी में कई वरिष्ठ कवि व साहित्यकार आदि भी उपस्थित थे। गोष्ठी के अंत में संस्था के संयोजक श्री सुरेश बिंदल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्र वंदना के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।
