गाजियाबाद, 19 सितंबर 2025 – काईट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, गाजियाबाद ने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग की देखरेख में विप्रो द्वारा संचालित साइबरसिक्योरएक्स 1.0 – साइबर सुरक्षा पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस सम्मेलन में प्रमुख विशेषज्ञ, उद्योग जगत के पेशेवर, शोधकर्ता और युवा नवप्रवर्तक एआई-संचालित साइबर सुरक्षा के भविष्य का पता लगाने और उभरते डिजिटल खतरों से बचाव पर चर्चा को बढ़ावा देने के लिए एक साथ आए।
कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन समारोह के साथ हुई, जिसमें डॉ. गौरव गुप्ता (डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञ), डॉ. सचिन गुप्ता (निदेशक, केंद्रीय जासूसी प्रशिक्षण संस्थान, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो), श्री संजीव छाबड़ा (निदेशक, साइबर सुरक्षा और जोखिम सेवाएं, विप्रो टेक्नोलॉजीज), और श्री पीवीएस प्रकाश (प्रोग्राम निदेशक, विप्रो लिमिटेड) के साथ-साथ काईट के गणमान्य व्यक्ति, डॉ. मनोज गोयल (कार्यकारी निदेशक), डॉ. आदेश कुमार पांडे (निदेशक अकादमिक), डॉ. विनीत शर्मा (डीन, कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग) और श्री सौरव कुमार (महाप्रबंधक, टीबीआई-केआईईटी) भी मौजूद थे।
कार्यकारी निदेशक, डॉ. मनोज गोयल ने सभी विशिष्ट अतिथियों और वक्ताओं का हार्दिक स्वागत किया और कहा, "यह राष्ट्रीय सम्मेलन काईट की एक और पहल है, जिसके माध्यम से हम अपने छात्रों को साइबर सुरक्षा और साइबर खतरों के बारे में जानकारी प्रदान करना चाहते हैं, जो आज की प्रमुख चिंता का विषय हैं। मैं इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए डॉ. विनीत शर्मा और सभी सीएसई संकाय सदस्यों और छात्र समन्वयकों को बधाई देता हूँ।"
मुख्य सत्र, "एआई-संचालित साइबर सुरक्षा के भविष्य को उजागर करना" ने दिन की शुरुआत की और डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला। श्री संजीव छाबड़ा द्वारा संचालित एक पैनल चर्चा में सुश्री शालिनी जोशी (डेलॉयट), श्री संचय सिंह (हैकर्सविला और साइबर संगम), प्रो. वीरेश्वर कुमार (आईआईटी दिल्ली), और श्री सुमित (बीईसीआईएल, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) जैसे प्रख्यात विशेषज्ञ शामिल हुए। उन्होंने साइबर हमलों के उभरते परिदृश्य, शमन रणनीतियों और राष्ट्रीय एवं संगठनात्मक सुरक्षा को मज़बूत करने में एआई की भूमिका पर चर्चा की।
इसका मुख्य आकर्षण "रेड एंड ब्लू" शोकेस रहा, जहाँ छात्र टीमों ने लाइव आक्रमण-रक्षा रणनीतियों का प्रदर्शन किया और वास्तविक दुनिया के साइबर खतरों की व्यावहारिक जानकारी दी। यह 24 घंटे का हैकाथॉन था, जिसमें देश भर के विभिन्न संस्थानों की कुल 8 टीमों ने भाग लिया। काईट की टीम ओनियनोमस ने विजेता ट्रॉफी और 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार जीता। बाकी टीमों को भी नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और सहभागिता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके बाद ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी के पार्टनर, श्री कुश वाधवा ने एक पावर टॉक का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने साइबर घटनाओं पर प्रतिक्रिया और फोरेंसिक तकनीक पर अपने ज्ञान और विचारों को साझा किया। कार्यक्रम का समापन साइबरक्वेस्ट क्विज़ शोडाउन के ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के साइबर सुरक्षा रुझानों, उपकरणों और केस स्टडीज़ के ज्ञान का परीक्षण किया गया। टीम साइफर विजेता रही, जबकि टीम आईटीयूएस उपविजेता रही। दोनों टीमों को नकद पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान की गईं। डॉ. मधु गौतम (एसोसिएट प्रोफेसर, सीएसई) ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया और प्रतिभागियों को एक सुरक्षित और सुदृढ़ डिजिटल भविष्य में योगदान देने की प्रेरणा दी।
